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सात राष्ट्रीय और 44 क्षेत्रीय दलों द्वारा घोषित कुल संपत्ति क्रमशः 6,988.57 करोड़ रुपये और 2,129.38 करोड़ रुपये

Bystaff

Jan 28, 2022

एडीआर ने रिपोर्ट जारी किया है जिसमे उन्होंने बताया है की भाजपा का ‘खजाना’ सबसे ज्यादा भरा, दूसरे नंबर पर बसपा। एडीआर की रिपोर्ट कहती है कि भारतीय जनता पार्टी का फंड सबसे ज्यादा घोषित धनराशि के रूप में रिकॉर्ड किया गया है। एडीआर ने साल 2019 से 2020 के बीच की रिपोर्ट सार्वजनिक की है। इसमें भाजपा ने 4,847.78 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की। ये संपत्ति बाकी सभी राजनीतिक दलों का 69.37 प्रतिशत है। इसके बाद बसपा के पास 698.33 करोड़ रुपये की संपति है। तीसरे नंबर पर कांग्रेस पार्टी ने 588.16 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की। विश्लेषण के अनुसार, साल 2019 से 2020 के बीच सात राष्ट्रीय और 44 क्षेत्रीय दलों द्वारा घोषित कुल संपत्ति 6,988.57 करोड़ रुपये और 2,129.38 करोड़ रुपये थी।

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने 2019-20 में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों की संपत्ति और देनदारी पर अपने विश्लेषण के आधार पर अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक की है। विश्लेषण के अनुसार, इस दौरान सात राष्ट्रीय और 44 क्षेत्रीय दलों द्वारा घोषित कुल संपत्ति क्रमशः 6,988.57 करोड़ रुपये और 2,129.38 करोड़ रुपये थी।

एडीआर की रिपोर्ट में कहा गया है कि सात राष्ट्रीय दलों में सबसे अधिक संपत्ति भाजपा (4847.78 करोड़ रुपये या 69.37 प्रतिशत), बसपा (698.33 करोड़ रुपये या 9.99 प्रतिशत) और कांग्रेस (588.16 करोड़ या 8.42 प्रतिशत) द्वारा घोषित की गई थी। वहीं 44 क्षेत्रीय दलों में से शीर्ष 10 पार्टियों की संपत्ति 2028.715 करोड़ रुपये घोषित की गई, जो सभी द्वारा घोषित राशि का 95.27 प्रतिशत थी। क्षेत्रीय दलों में समाजवादी पार्टी द्वारा सबसे अधिक संपत्ति 563.47 करोड़ रुपये (26.46 प्रतिशत) घोषित की गई। इसके बाद तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने 301.47 करोड़ रुपये और अन्नाद्रमुक ने 267.61 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषणा की।

सात राष्ट्रीय और 44 क्षेत्रीय दलों द्वारा घोषित कुल देनदारी 134.93 करोड़ रुपये है। एडीआर के मुताबिक, “राष्ट्रीय राजनीतिक दलों ने वित्त वर्ष 2019-20 में 74.27 करोड़ रुपये की कुल देनदारियों की घोषणा की। राष्ट्रीय दलों ने उधार के तहत 4.26 करोड़ रुपये और अन्य देनदारियों के तहत 70.01 करोड़ रुपये की घोषणा की। इसमें कांग्रेस ने 49.55 करोड़ (66.72 प्रतिशत) रुपये के साथ उच्चतम देनदारियों की घोषणा की। इसके बाद एआईटीसी ने 11.32 करोड़ रुपये (15.24 प्रतिशत) की घोषणा की। क्षेत्रीय राजनीतिक दलों ने कुल 60.66 करोड़ रुपये की देनदारी घोषित की।”

वहीं, क्षेत्रीय दलों ने उधार के तहत 30.29 करोड़ रुपये और अन्य देनदारियों के तहत 30.37 करोड़ रुपये की घोषणा की। इसमें टीडीपी ने 30.342 करोड़ रुपये (50.02 प्रतिशत) के साथ उच्चतम देनदारी की घोषणा की, इसके बाद डीएमके ने 8.05 करोड़ रुपये (13.27 प्रतिशत) घोषित किया।