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अफवाह: क्या खान सर सच मुच गिरफ्तार हुए!!!

Bystaff

Jan 26, 2022

रिजल्ट को लेकर अभ्यर्थियों के हंगामे के बीच पटना में कोचिंग के चर्चित शिक्षक खान सर को गिरफ्तार करने की खबर चर्चे थे. अभ्यर्थियों को उकसाने के आरोप में खान सर घिरे हुए है. इस बीच एक खबर छात्रों के बीच आग के तरफ फैली कि खान सर को पटना पुलिस ने उठा लिया है. हालांकि इसकी अभी भी कोई पुष्टि पुलिस के तरफ से नहीं आई है. ट्वीटर पर भी गिरफ्तारी से जुड़े ट्वीट बहुत किये जाने लगे थे. लेकिन इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, बाद मे ये अफवाह ही साबित हुआ, खुद मीडिया के सामने आ गये।

आरआरबी-एनटीपीसी के रिजल्ट के विरोध में जब अभ्यर्थी पटना समेत अन्य जिलों की सड़कों पर उतरे और उग्र विरोध के साथ प्रदर्शन किया तो पटना डीएम का एक बयान सामने आया था. पटना डीएम ने साफ शब्दों में ये कहा था कि कोचिंग संस्थानों की भूमिका भी जांच के दायरे में है. किसी ने अभ्यर्थियों को उकसाया है तो उसपर कार्रवाई होगी. बता दें कि खान सर का एक वीडियो काफी वायरल हुआ है जिसमें वो परीक्षा के रिजल्ट की चर्चा करते देखे जा रहे हैं. हालांकि बुधवार को एक अफवाह उड़ा कि खान सर गिरफ्तार कर लिये गये.
इधर खान सर ने भी मीडिया से बात करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी थी. मंगलवार को आरा में अभ्यर्थियों ने ट्रेन में आग लगा दी और जमकर बवाल काटा तो इसे खान सर ने गलत करार दिया. उन्होंने यह भी कहा कि आरआरबी ने जो कदम आज उठाया वो अगर 18 जनवरी को लिया होता तो इतना उपद्रव नहीं होता. हम लोगों ने 8 मीलियन ट्वीट कराया था. लेकिन आरआरबी ने अच्छा स्टेप ये उठाया है कि सारे स्टूडेंट से सुझाव मांगा है और कमिटी बैठाई गयी है.
खान सर ने मीडिया से बात करते हुए बताया था कि उनके बारे में अफवाह उड़ाया गया है. बताया कि हमलोगों ने आंदोलन को रोककर रखे हैं. आंदोलन करने वाले छात्रों को मना करते रहे हैं कि 26 जनवरी को कोई आंदोलन ना हो. स्टूडेंट्स को बहकाने पर खान सर ने कहा कि यह मीडिया द्वारा फैलाया गया है। हमारे यूट्यूब को पूरी तरह से फ्रिज किया गया है। हम लोगों को रोका गया है। अभी यूट्यूब पर आरआरबी लिख रहे हैं तो यूट्यूब उसे डिलीट कर दे रहा है।
खान सर ने कहा कि पटना डीएम राजेंद्र नगर गए थे। उनका खुद का स्टेटमेंट है कि ये लीडर लेस आंदोलन है। जो लोग कह रहे हैं तो पटना के डीएम खुद एक सुलझे हुए व्यक्ति हैं। उनका काम है कि लॉ एंड ऑर्डर को मेंटेन करना है। लेकिन आरआरबी को सोचना चाहिए कि एक टीचर गलत बोल सकता है। क्या पूरे हिंदुस्तान के टीचर गलत बोलेंगे। एनटीपीसी के लड़के कम थे। वे वेट कर रहे थे। हमारे लिए आरआरबी अच्छा कुछ करेगा। लेकिन रेलवे ने यह डिसीजन लिया कि डेढ़ करोड़ जो छात्र है, वह फरवरी में एग्जाम देंगे। इसके बाद आंदोलन उग्र हो गया। यह घटना सही नहीं है। हम लोग प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं। हम लोग छात्रों को आंदोलन से रोक रहे हैं। हम लोग कल से खाना, पीना, पढ़ाना छोड़ कर लोगों को शांत कर रहे हैं।