क्या संसद में विपक्ष सिर्फ हो हल्ला करेगी या किसी बिल पे चर्चा भी करेगी!

संसद में रोज नये नये बिल पास हो रहे है, पर ये कैसे संभव हो पता है जब दोनों सदनों की कार्यवाही बार बार स्थगित होती रहती है। आज भी पेगासस जासूसी, कृषि कानून और अन्य मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के अपने अपने रुख पर अड़े रहने के चलते संसद में गतिरोध जारी रहा। दोनों सदनों की कार्यवाही बार बार स्थगित किए जाने के बाद अंत में दिनभर के लिए स्थगित करनी पड़ी। ये रोज की कहानी हो गयी है, सदन में हो हल्ला कर के विपक्ष अपनी मौजूदगी महसूस करवाता है, वही सरकार सदन में अपनी उत्पादकता दिखाने के लिए बिल पास करवा रही है, कभी कभी तो बिल पे बिना चर्चा किये ही ध्वनि मत से बिल पास कर दिया जा रहा।

 

आज भी लोकसभा की बैठक चौथे स्थगन के बाद पांच बजे फिर शुरू हुई तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कराधान कानून संशोधन विधेयक 2021 पेश किया। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पेगासस जासूसी मुद्दा उठाने का प्रयास किया और इस पर बहस की मांग की। कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके सहित विपक्षी सदस्य फिर से अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए और नारेबाजी जारी रखी।

हंगामा जारी रहते सदन की बैठक दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले टीएमसी सांसद सौगत राय ने दिल्ली में एक दलित लड़की के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या का मामला उठाने का प्रयास किया लेकिन पीठासीन अधिकारी ने इसकी अनुमति नहीं दी। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी यह मुद्दा उठाने की कोशिश की थी। इस पर संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन मेघवाल ने कहा कि सरकार महिलाओं के मुद्दों के प्रति चिंतित है। शोरगुल के बीच सदन ने केंद्रीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2021 पारित कर दिया।

लगातार १3 दिन संसद में गतिरोध बना रहा है, कल ही राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने ‘अव्यवस्थित व्यवहार’ के लिए तृणमूल के छह सांसदों को एक दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया था, और सरकार ने राज्यसभा में 3 बिल पारित किए थे।

 

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