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क्या बांग्लादेशी अवैध नागरिक है कारण असम और मिजोरम के सीमा विवाद फिर से भड़कने का ?

Bystaff

Jul 31, 2021

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असम और मिजोरम के लोग काफी फ्रेंडली रहे है, पर अचानक सीमा विवाद बहुत बड़ा मुद्दा हो गया है। आज असम के मुख्य मंत्री समेत 6 पुलिस अधिकारियो पे FIR कर दिया गया है मिजोरम पुलिस द्वारा। इस से पहले असम ने भी मिजोरम के कोलासिब जिले के छह अधिकारियों को तलब किया है और राज्य के एकमात्र राज्यसभा सांसद के वनलालवेना के लिए पुलिस भेजी है।

दोनों राज्यों के बीच संघर्ष का कारण असम और मिजोरम के बीच सीमांकन का दशकों पुराना विवाद है। दोनों पड़ोसी असम के कछार और मिजोरम के कोलासिब जिले के बीच सीमा पर भूमि का दावा करते हैं, और एक दूसरे पर अतिक्रमण का आरोप लगाते है। असम-मिजोरम सीमा पर झड़प की जगह और उसके आसपास की स्थिति तनावपूर्ण लेकिन शांत बनी हुई है बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवानों ने दोनों राज्यों के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग -306 पर गश्त शुरू कर दी है। हिंसा में 6 लोगो की जान जाने के बाद असम में 3 दिन का राजकीय शोक घोषित कर दिया था। वही सोशल मीडिया पे ऐसे हिंसा को ले के बहुत चर्चा हुई, भरता की अखंडता पे प्रश्न भी किया गया, कुछ लोगो कटाक्ष भी किया कैसे एक राज्य दूसरे राज्य के पुलिस पे गोली चला सकती है ?

असम के मुख्य मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा की छवि हिंदूवादी नेता रूप में बनती जा रही है, मिजोरम के मुख्य मंत्री है ज़ोरमथांग जो मिजोरम प्रेस्बिटेरियन चर्च के सदस्य हैं। असम में पहले के मुख्य मंत्रियो ने बहुत सारे बांग्लादेशी नागरिको को अवैध रूप से मिजोरम बॉर्डर के पास ही बसा दिया था, जो अपनी रोजी रोटी के लिए मिजोरम आते जाते रहते थे। असम में इनका इस्तेमाल वोट बैंक पॉलिटिक्स के लिए किया जाता रहा है। मिजोरम के लोग पहले से ही बांग्लादेशियो के लिए अच्छी भावना नहीं रखते क्योंकी ऐसा माना जाता है की वहा की सारी पॉलिटिक्स में चर्च ही निर्णय लेती है और मिजोरम वासियो की रोजी रोटी भी से भी जुड़ी थी।

भारत में इससे पहले कई और राज्यों के बिच सीमा पे तनाव के साथ साथ हिंसा हुई थी, पर इससे पहले किसी भी सीमा विवाद में किसी एक राज्य की पुलिस ने दूसरे राज्य की पुलिस की गोली मार के हत्या नहीं की थी। महाराष्ट और कर्नाटक का विवाद बेलगाम को ले के है जिनमे कई लोगो की जान गयी पर कभी महाराष्ट्र की पुलिस ने कर्नाटक की पुलिस को नहीं गोली मारी, इसी तरह हिमाचल प्रदेश का सीमा विवाद हरयाणा और लद्दाख से रहा है पर कभी हिंसा नहीं हुई।

इसी बीच हेमंत बिश्वा शर्मा ने ट्वीट किया है , “असम-नागालैंड सीमा पर तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ी सफलता में, दोनों प्रदेशो के मुख्य सचिवों ने राज्यों की पुलिस को सीमावर्ती स्थानों से अपने-अपने राज्य तुरंत वापस बुला लेने के लिए एक समझौता किया है।

मिजोरम के मुख्यमंत्री ज़ोरमथांगा ने ट्वीट करते हुए कहा कि असम के साथ अपनी सीमा पर घातक हिंसा के बीच पूर्वोत्तर भारत हमेशा एक रहेगा, जिसने अपने निवासियों को पड़ोसी राज्य का दौरा नहीं करने की सलाह दी।

गृह मंत्रालय ने तनाव कम करने के प्रयास किया था और दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को दिल्ली तलब किया था।