DRDO ने दुश्मन के ड्रोन हमले को बेअसर करने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम विकसित किया है। स्वदेशी ड्रोन प्रौद्योगिकी दुश्मन के ड्रोन का पता लगाने, सॉफ्ट किल (ड्रोन के संचार लिंक को जाम करने के लिए) और हार्ड किल (ड्रोन को नष्ट करने के लिए लेजर आधारित हार्ड किल) सहित जवाबी हमलों में सक्षम है। यह प्रणाली सशस्त्र सेवाओं और अन्य आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही प्रदर्शित की जा चुकी है।

DRDO स्वदेशी काउंटर-ड्रोन प्रौद्योगिकी को बीईएल में स्थानांतरित कर दिया गया है। साथ ही काउंटर-ड्रोन सिस्टम की प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण की पेशकश अन्य कंपनियों को की जाएगी।
पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा अभी हाल में ही कई बार ड्रोन से सुरक्षा बलों पे हमला किया था, 27 जून को, जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर दो आईईडी द्वारा हमला किया गया था जिसमे ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था। हमले में एयरफोर्स स्टेशन के अंदर कुछ संरचना क्षतिग्रस्त हो गई थी, हालांकि हमले में कोई जान नहीं गयी थी,एयरफोर्स के दो कर्मियों को भी मामूली चोटें आई थीं।
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 23 जुलाई के तरके अखनूर सेक्टर के कनाचक इलाके में एक हेक्साकॉप्टर को मार गिराया, ड्रोन भारतीय क्षेत्र में छह से सात किलोमीटर अंदर घुस गया था और लगभग पांच किलोग्राम वजन आईईडी ले जा रहा था।

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